album cover
Nawazuddin
album cover
Nawazuddin was released on September 8, 2021 by Azadi Records as a part of the album न
Albumन
September 8, 2021
LabelAzadi Records
LanguageHindi
BPM119
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy

Lyrics

[Verse 1]
बारह बजे
लौंडे सवार
गाड़ी भागे
शीशे से बहार
छाती रहे
है लौंडे दहड़
चूहे छुपे हम ना खोदे पहाड़
लोहा ले लौंडो से जैसे लुहार
शकल है न्यू यॉर्क से लेके एलए
उसने सुना और वो बोली क्या
क्या लगता हु बंदा मैं मामूली
मामूली
[Verse 2]
वो सोचे के बंदे मैं मामूली
कलम है जादुई
तो आती है धमकिया कानूनी
मेरे घंटे से फेम
यहां पे भरते हैं पन्ने
जब छिलती है आर्टरीज़
लौंडे बनारे मोनोपोली
खरीदू घर इनके फिर गेट द फक ऑफ माय प्रॉपर्टी
[Verse 3]
मामूली
होता तो मुझे पूछते नि आप
घूरते नी बाहर
ढूंढते नी घर में
मेरा टैक्स रिटर्न आता फिर एक पेटी से भी कम्म
मेरा घूमता नि सर
शायद भूलता नि ग़र्र
का मैं रास्ता वो पिघले जैसे जून में
चरस जैसा सुना गाना बोली स्टूडियो में बना होगा
[Verse 4]
उसे लगू मैं मामूली लिखू पूल में वर्स जब
गिरेंगे दात तीस
मिलूंगा मालदीवेस में
ये सुई पूरे वक्त रहे चार बीस पे पर
खाली माल खींचते नि दोनों खाल खींचते हैं
दुश्मनो के लहू से ये ज़बाँ सींचते हैं
बाकायरौ तुझे मामूली लगु मैं कहा से बता
कुछ करा तभी तो लौंडे पुराने भी चिड़े
बड़ा लूं मज़ा मैं कभी कभार नहीं पसंद इससे
ज़रा मैं चढ़ा सीढ़ी तो पीछे से डसे
सापो की तरह अबे चल
हटा
[Verse 5]
होता मामूली तो पेन नहीं होता गड़ा
होता मामूली तो यह नि होता खड़ा
ना ही छापा होता आर्टिकल एक जीक्यू ने हमारा
रैप गेम में हैं दो विधायक
इनका मुंह भी बना मूवी हैगा देखने लायक
और ऐसी लगी भूख हमें कि चाटी पूरी प्लेट
ऊपर आके करु खाना
तेरी भी प्लेट से गयाब
सीधे मौत
[Verse 6]
वो बोली हैगा तू मामूली
मैं बोला तू है ज़्यादा बातूनी
करने की मेरे को जज है
तुझको किसने इजाज़त दी
कला से काबिलियत मैंने सिद्ध की
जैसे नवाज़ुद्दीन
वो अपनी टी शर्ट उतारे घुमारी वो गांगुली
Switch up
[Verse 7]
अभी यही थी अब वो कहां पे गई
बटके भागी नाम भी नी
लोरी मेरी रातों की
हसीन शकल है पारो सी
पापा को बहाने देके है घुमाती मारुति
[Verse 8]
है फिगर जैसे नाशपाती और ड्रेस पहनी जामुनी आह
समझे मुझे बच्चा
खरि इतना भाव के उसे ख़ुद भी नि पचरा
चिकनी मिट्टी बोलके करती है बगल से धप्पा
तुझको आना है तो यहाँ को आ नी आना है तो मत आ देवी
ऐसा फंडा है कि
[Verse 9]
धाता लंका घर का भेदी
दिल पे मारा ताला कि सदा लिए बन्द हवेली
जितना मांगा तुझसे उससे ज़्यादा प्यार है जनता देती
टाइमपास मैं नी कभी ना बोला उसे बनजा मेरी
पर वो चेप जैसे फ़ेविकोल
नहीं हु मैं सीरियस ट्रिप है तो पहली बोल
बीस पे मामूली पच्चीस पे आई हैव इट ऑल
दिल पे है चोट लेकिन साथ में दोस्त तो फिर
[Verse 10]
बारह बजे
लौंडे सवार
गाड़ी भागे
शीशे से बहार
छाती रहे
है लौंडे दहड़
चूहे छुपे हम ना खोदे पहाड़
लोहा ले लौंडो से जैसे लुहार
शकल है न्यू यॉर्क से लेके एलए
उसने सुना और वो बोली क्या
क्या लगता हु बंदा मैं मामूली
[Verse 11]
मामूली
वो सोचे के बंदा मैं मामूली
कलम है जादुई
तो आती है धमकिया कानूनी
मेरे घंटे से फेम
यहां पे भरते हैं पन्ने
जब छिलती है आर्टरीज़
लौंडे बनारे मोनोपोली
खरीदू घर इनके फिर गेट द फक ऑफ माय प्रॉपर्टी
Written by: Abhijay Negi, Boudhayan Kundu, Siddhant Sharma

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