album cover
Rafi
1
Hip-Hop/Rap
Rafi was released on April 25, 2025 by ORPHEUS as a part of the album Defying The Odds - EP
album cover
Release DateApril 25, 2025
LabelORPHEUS
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM75

Credits

PERFORMING ARTISTS
ORPHEUS
ORPHEUS
Performer
Nishant Mohan
Nishant Mohan
Performer
Piyush Rana
Piyush Rana
Rap
COMPOSITION & LYRICS
Piyush Rana
Piyush Rana
Composer
PRODUCTION & ENGINEERING
Nishant Mohan
Nishant Mohan
Producer

Lyrics

हा झगड़ो के बिच था पाला बड़ा
और था पढ़ना पड़ा
जबकि सपना बड़ा
पर किसी को भी यहां फर्क ना पड़ा
मैं समझ ना सका
कि थी रब की रज़ा
तू सिर्फ इतना बता
कौन मेरे सगा
कौन देता दगा
बदल ने थे आए मैं बदल ना सका
गलत सबको साबित फिर करना पड़ा
ये तोह डरके भागे बे सहारे से
और ये सब के सब मेरे निशाने पे
और ये धीरे धीरे मुझको जानेंगे
इसलिए ही डरके भागेंगे
बाते है इनकी क्यूं बेतुकी सी
और है गानो की वाइब इनके बेरुखी सी
आग जो लगे मैं डालू ना घी
और वो नाजाने क्यूं मेरे पीछे पड़ी
इनके जूतों से महँगी है मेरी घड़ी
दो बैंगर पे बैंगर कहलाता रफ़ी
बातो से मेरे ना सहमत सभी
और जो सहमत नहीं उन्हें गिनते नहीं
उन्हें गिनते नहीं है कॉज़ दे नॉट लाइक अस
कितने सारे मुझसे चाहते है वर्स
मेरे सर्कल में मुझे ज़रूरत ना सौ की
अगर असली है बेटा तोह फिर काफी है 10
वो कहते सलाम साहब
मैं देवा और खतरे में खंसार
क्यूं ये बातें दोहराते है बार बार
इनके मसलों के यही जवाबदार
बेटे बात मान ने में तेरी भलाई है
सामने ने कुआ पीछे गहरी खाई है
दुनिया वालों से तोह फर्क ना पड़े
जब मा को मेरी मेहनत देती दिखायी है
चलो लेता आराम आईल टेक इट इज़ी
पर बताता हूं बात तुम्हें एक मज़े की
पुरानी ये बात वो भी एक गधे की
जो बेवजह करता था बदतमीज़ी
शायद थी उसकी वो बदनसीबी
क्यूंकि लगा नहीं मुंह मेरे फिर कभी भी
उसकी सवारी ह चलती थी टेढ़ी बहुत
सिखा ऐसा सबक कि अब चलती सीधी
चला अपनी मर्ज़ी की राह पे
कोई किसी का सगा नहीं यहां पे
यहां कोई भी वाक़िफ़ नहीं मेरे ऐम से
कि मुझे जाना है कहाँ पे
इन लौंडो पे आती हसी
मैं जब आऊ तोह भागे सभी
मुझे आदत है देने की बैंगर पे बैंगर
कहलाता मैं गेम का मोहम्मद रफ़ी
मैं करु मेरे करम और ना फरक है ज़माने का
है पापा का यक़ीन तोह फिर बेटा कैसे हारेगा
मैं बड़े भाई से ये कहना चाहता
उसका छोटा भाई कुछ दिनो में सीन संभालेगा
बदन पे सितारे लपेटे हुए
मैं सलमान ये फुटपाथ पे लेटे हुए
इशारो इशारो में दिल देने वाले
ये वो पौधे जो कभी भी खिलने ना वाले
स्किलेट ज़ेरो फिर भी बाते करे बड़ी बड़ी
रैपरो को खाता मुझे भूख लगे घड़ी घड़ी
डॉन इंटरनेट पे वो आईआरएल बडी वडी
स्टक्ड इन अ ज़ोन मुझे रैपर लगे नट्टी पुट्टी
आती नहीं दया पर मैं बख्श देता कभी कभी
जबही आते सामने आवाज़ लगे दबी दबी
अलाउदीन खिलजी और दिल मेरा खाली बल्ली
करु कारनामे आता माइक पे मैं जबही जबही
Written by: Piyush Rana
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