album cover
Sherdil
album cover
Sherdil was released on May 7, 2025 by RAWAF RECORDS as a part of the album Sherdil
AlbumSherdil
May 7, 2025
LabelRAWAF RECORDS
LanguageHindi
BPM80
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy

Lyrics

Brother, आज काफ़ी चीज़ें हुई हैं मेरे साथ
आज ही नहीं, काफ़ी time से हो रही हैं
But मैं तेरे को बस यही बोलना चाहता हूँ bro—
एक honour है, तेरे लिए मेरी तरफ़ से
Bro जो, तू जो भी कर रहा है bro, तेरे को पता नहीं है bro
तू मेरे लिए क्या-क्या कर रहा है bro
मतलब, aah
Bro, तू गाने बना, तू बुंडे फाड़
मेरे लिए, bro, every time you drop a verse, it's a victory for me, bro
तेरे को पता नहीं है, bro
मैं हमेशा एक flashback आता है मेरा
मेरे सपने में flashback आता है bro ये, school के time का
Umm, अगले voicenote में बताता हूँ रुक तेरे को
पांच साल की उम्र से नि खाया माँ के हाथ का
क्या इसलिए मैं खा रहा दुश्मनों को जैसे नाश्ता
मैं अंदर ज़िंदा लाश पर ऊपर से काफ़ी शानदार
यह दिल साला शेर, कभी हार भी नि मानता
शेरदिल, शेरदिल
कुछ भी हो जाए, मरता नहीं है शेरदिल
शेरदिल, शेरदिल
कुछ भी हो जाए, मरता नहीं है शेरदिल
माँ कसम, ज़िंदगी के सफ़र मैंने किया काफ़ी suffer
अब है लगता कि मैं थक गया
मेरी माँ बैठी बिस्तर, सोलह साल
परिवार का बुरा हाल, अब अंधेरे से मैं ढक गया
पर कभी मानी नहीं वो हार, उसका लहू मेरे ख़ून में
Feel करूँ सबसे अलग, जबसे था मैं स्कूल में
दोस्तों को भनक नहीं, क्योंकि बनता cool मैं
दस साल हो जाएँगे गए उसके June में
I hope heaven is real और तू वहाँ पे हो
पर तेरी यादें मिट रही हैं मेरे सर से
I hope you proud of me, तू जहाँ भी हो
कुछ सालों में मिलूँगा तुझसे मर के
पर उस दिन तक बावे, नाम मेरा शेरदिल
Fight मेरी खुद से
चमड़ी इतनी hard, अब तो काँटे भी नहीं चुभते
ख़ुद से बोलूँ सच, क्योंकि ख़ुद से नि छुपते
दुख में या सुख में
पांच साल की उम्र से नि खाया माँ के हाथ का
क्या इसलिए मैं खा रहा दुश्मनों को जैसे नाश्ता
मैं अंदर ज़िंदा लाश पर ऊपर से काफ़ी शानदार
यह दिल साला शेर, कभी हार भी नि मानता
शेरदिल, शेरदिल
कुछ भी हो जाए, मरता नहीं है शेरदिल
शेरदिल, शेरदिल
कुछ भी हो जाए, मरता नहीं है शेरदिल
बोला था घिस लेंगे एड़ियाँ, क्योंकि पता ये सूझेगी नहीं
हाँ, वार या फिर self sabotage, जिगरा टूटे ही नहीं (टूटे ही नहीं)
हाँ, पानी सर के ऊपर, पर दम घुटे ही नहीं (पर दम अभी घुटे)
हाँ, दिल तो अब भी बच्चा, पर ये रूठे ही नहीं
हाँ, दिक्कत के दरवाज़े खुलते, इनमें खूंटे ही नहीं (हाँ, खूंटे ही नहीं)
हाँ, लिखने को तो किस्से हैं हज़ार, वो निकले मुँह से ही नहीं (हाँ, मुँह से ही नहीं)
हाँ, दिल तो अब रईस है, इसको लुटे तो सही कोई (आन दो), yeah
ज़रा सोच, तेरा सब ठीक है? (ठीक है) जवाब में अभी सिर्फ़ ना है (ना है)
हाँ, सोच ये whiskey neat थी (Neat थी), अब बर्फ़ इसमें अब भी चार है (चार है)
और आँखें मेरी आधी बंद हैं (बंद हैं) और दिख रहा मेरे को बाहर है (बाहर है)
और सच बोलूं मेरे यार तो अभी (आन दो)
ये ज़िंदगी simple ही सही थी
किस्मत आई मेरे शहर में, और साला मिल कर भी नहीं गई
जो बातें चुभती रूह को, वो मैंने दिल पर भी नहीं ली
उसने बोला सीना ठंडा रख, मैं बोला आज मैं जल के बाहर
पांच साल की उम्र से नि खाया माँ के हाथ का
क्या इसलिए मैं खा रहा दुश्मनों को जैसे नाश्ता
मैं अंदर ज़िंदा लाश पर ऊपर से काफ़ी शानदार
यह दिल साला शेर, कभी हार भी नि मानता
शेरदिल, शेरदिल
कुछ भी हो जाए, मरता नहीं है शेरदिल
शेरदिल, शेरदिल
कुछ भी हो जाए, मरता नहीं है शेरदिल
Written by: Panini Priyesh Pandey, Shivam Rawal
instagramSharePathic_arrow_out􀆄 copy􀐅􀋲

Loading...