album cover
SPF50
album cover
SPF50 was released on October 5, 2022 by Kala Kranti Media as a part of the album SPF50 - Single
October 5, 2022
LabelKala Kranti Media
LanguageHindi
BPM120
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy

Lyrics

मैंने बोला और नहीं जलना
धूप बहुत बाहर नहीं चलना
सनस्क्रीन डाली किस बात का है डर हाँ
सूरजमुखी बन और धूप मे ही खिलना
मैंने बोला और नहीं जलना
धूप बहुत बाहर नहीं चलना
सनस्क्रीन डाली किस बात का है डर हाँ
सूरजमुखी बन और धूप मे ही खिलना
हाँ
करू मैं बहुत बकवास अब
स्कूल पे डांटे मुझे दो अध्यापक
पिच में ना था मैं कोई धकद
शूट मैंने डाली लगी मुँह पे आकर
पेड़, पौधे, फूल लगे नेचर सही
बक बक करु मेरा नेचर नहीं
अकेले घूमू पर कोई गम नहीं
क्यूंकि धूप पड़ी देखो मेरी बनी परछाई
सच बोलू कुछ नहीं भाता
जब हर कोई हक़ जताता
मुश्किल्ल लगे हाँ कभी कभी दिन
पर सारा सारा टाइम इसपे करु नहीं किल
4-5 रोल और करू मैं चिल
फिर थोड़ा सा मूड़ में आता
जब लगे सब खुश मिज़ाज़ सा
पर बादल आ गए मारने धूप पे डाका
हाँ
ढूंढी मैंने खूद की खूबी
१०० नाव तैर रही उसमें एक थी चुनी
बाकी सैरी तैरी बस मेरी डूबी
गुम नहीं करु बस फूंकू डूबे
तैरू तो ऊपर आ जाऊ
ठहरू तो जीवन गवाऊ
गवाह है सूरज़ कि गवाए वक्त
पर करु मैं वेस्ट नहीं करु मैं खर्च
अब सोलर है पैनल एनर्जी रिचार्ज
7 रंगों का बना यहां आर्च
लोगो की नज़रे अभी भी नीचे
ख़ुद के खेत ये नफ़रत से सींचे
साले सब नीच है
इनको बाते ना पचे क्या बीज है
अब रोशनी जहां वहां मुड़ता जाऊ
है चावल मे कंकड़ तो चुन के खाऊ
चुन लूँ मैं जितना भी जितना भी
बचेगा कुछ ना तो कुछ अभी
लेकिन मैं करु ना देर अभी
भूख जो लगी है सब कुछ पाने की
माना हर कोशिश में थोड़ी सी कमी है
सोच के बात ये आँखों में नमी है
जो भी है
ऐसा है
इस लिए बाकी सब होल्ड पे रखा है
मैंने बोला और नहीं जलना
धूप बहुत बाहर नहीं चलना
सनस्क्रीन डाली किस बात का है डर हाँ
सूरजमुखी बन और धूप मे ही खिलना
मैंने बोला और नहीं जलना
धूप बहुत बाहर नहीं चलना
सनस्क्रीन डाली किस बात का है डर हाँ
सूरजमुखी बन और धूप मे ही खिलना
चाहता था धूप से मिलना
और सुकून से खिलना
पर बादल आ गए और मार गए डाका
बचू भी कैसे मैं भूल गया छाता
देखू मैं जिस तरफ़ सब रहे भाग
बारिश में भीगू है कोई नहीं पास
धूप चले गई अब है मुरझाना
ये जब चले जाए है तब उठ जाना
पर अभी मेरा ऐसा नहीं
क्यूंकि मैं सेम तेरे जैसा नहीं
मौसम से ज्यादा ख़ुद को बदलू नहीं
ऑल वेदर ड्रिप मेरी लगती सही
मैं अब और नहीं जलता
धूप हो या बारिश अपनी धुन मे चलता
आंधी तूफान लौ मैं नहीं डरता
मौसम हो जो भी बस मैं हूं खिलता
Written by: Go Addy, Los kies
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