album cover
Khamoshi (feat. DEV G)
2,385
Alternative
Khamoshi (feat. DEV G) was released on June 1, 2023 by JK as a part of the album Khamoshi (feat. DEV G) - Single
album cover
Release DateJune 1, 2023
LabelJK
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM77

Credits

PERFORMING ARTISTS
JK Music
JK Music
Vocals
COMPOSITION & LYRICS
Jashn Khurana
Jashn Khurana
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
Ar Ti
Ar Ti
Producer
JK Music
JK Music
Editing Engineer

Lyrics

हाँ मैं कभी कह ना सका दिल में जो बातें छुपी
क्यूं तू पढ़ ना पायी खामोशी मेरी
तेरी आँखों से पीया मेने हर एक घूँट जाम का
अब तू ही दूर करदे ये मदहोशी मेरी
गुलाब का वो फूल मेरे हाथों में था
एक टूट ता ख्वाब मेरी आँखों में था
वो तलाश रही थी इश्क चेहरे पे मेरे
कैसे दिखता वो छुपा जज़्बातों में था
जज़्बातों का मोल अब लगता बाज़ारों में
मिला ना सुकून मैंने ढूंढा हज़ारो में
तुझे भुलाने की खातिर बैठा महफिल मे
झूठी हसी हस देता आजकल मैं यारों में
तेरी ही फिकर बाकी किसीसे मतलब नहीं
तेरा सुरूर बाकी किसीकी तलब नहीं
तू चाँद मेरी पर हिस्से मेरे फ़लक नहीं
वो मेरी शायरी मे, दूर होके भी अलग नही
कैसे देखु कही तुझसे फुरसत नही
भटका मुसाफ़िर कोई मुरशद नहीं
नवाज़ा फ़सलो से तुझे, तूने ही थे मांगे
वरना देख के मुड़ जाऊ इतना ख़ुदगर्ज़ नहीं
हाँ मैं कभी कह ना सका दिल में जो बातें छुपी
क्यूं तू पढ़ ना पायी खामोशी मेरी
तेरी आँखों से पीया मेने हर एक घूँट जाम का
अब तू ही दूर करदे ये मदहोशी मेरी
बेहिसाब खेल खेले एक और खेल मेरे साथ
लिखूंगा गाने अंत में देदियो जवाब
क्या तू मुझे चाहती थी या मैं तुझे चाहता था
या वो हम दोनों ने के थे एक जैसे जज़्बात हाँ
करू सवाल मेरी जान दे जवाब
मेरे बाद मेरे ख्वाब तेरे साथ या
या वो महज इत्तेफ़ाक़ देखा तुझे नींद में रात
सोचा शायद तू भी देखती होगी ये कभी मेरे ख्वाब
मरजाऊँ तो शायद छूटे मुझसे तेरे पीछा
कारण बनके मेरी मौत का ना देख पाएगी शीशा
इसलिए मैं हूं जीता और ख़ुद को समेटा
ताकि खुदको ना तू दोषी कहे तेरा चेहरा ना लगे फीका
चीखा तेरी यादो मे मैं चीखा
बजे तेज़ आवाज़ में गाने कोई सुन पाए मैं चीखा
आधा अधूरी सी नींद उसकी ही सहारे जीता
बनाया है तेरे इश्क ने वरना कभी ना जीत ता
तेरी ओर बढ़ चला पर कोई राह नहीं
मंज़िल तू है पता पर कभी छू पाया नहीं
मेरे आँखों में थे कई हमारे सपने सजे
पर सपने सपने रहे तेरा मुझपे साया नहीं
मेरी लड़ाई उजालो से अंधेरो से नहीं
वो आते कभी सामने क्यूं अंधेरो के नहीं
जब अपने हो सकते हैं गैर तो क्यूं ना
गैरो म तलाशे अपना कोई
तो क्यूं ना गैरों में तलाशें अपना कोई
Written by: Jashn Khurana
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