album cover
Haal
On Tour
Old School Rap
Haal was released on January 10, 2026 by Skrrt Records as a part of the album Haal - Single
album cover
Release DateJanuary 10, 2026
LabelSkrrt Records
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM96

Music Video

Music Video

Credits

PERFORMING ARTISTS
SID
SID
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Siddharth Kain
Siddharth Kain
Songwriter
ScrewRulingDaBeat
ScrewRulingDaBeat
Arranger

Lyrics

[Hook]
मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो,
या सच दिखा के ये आँखें खोल दो।
मुझे झूठी तसल्ली में नहीं जीना,
मेरा दिल फेंक दो और मेरी आस को तोड़ दो।
और मेरी साँस भी छोड़ दो, बसे जिसमें तुम,
मैं सहम जाता, सपनों में दिखते तुम।
अब ये मैं नहीं लिख रहा, लिखते तुम,
हुए खुद के भी नहीं, फिर किस के तुम?
[Verse 1]
ज़रा संभल, तेरी फ़िक्र मुझे खाए,
तेरा यार पहले भी तो लड़ चुका है
मैंने बताया तुझे बस, तेरी सोच तुझे रोकती,
तो सोच थोड़ा रुक के, तुझे आगे क्या करना है।
This is matrix
कोई बताने नहीं वाला, कैसे मुश्किलों में उसने खुद को मुश्किल से संभाला,
मेरी बात जान, तुझे रब ने ही पाला।
वो ही पला तेरे भीतर, तूने अंदर ही नहीं झाँका,
सारा सुख तेरे पास, करते प्यार की तलाश नहीं
खुद को तलाश, तेरी राह दिखे साफ़ ही
इस पैसे, नशे, प्यार के तो दुनिया पीछे भागती,
पर ठहर जाना बसकी नहीं, इस दुनिया के वो जानती।
तो हालत से नहीं डरते, और सच्च से नहीं भागते,
कई राहों पे कई हाथ छूट जाएँगे,
पर उनके जाने का अफ़सोस नहीं रखते है।
वो क्या कर गए, उन्हें पता क्या,
अगर पता होता उन्हें, तो वो करते ना।
अगर प्यार का नहीं मतलब कभी समझेगा,
अंधे की तरह मशाल लेकर भटकेगा।
अगर समय के मुताबिक चलेगा,
तो जबरदस्ती कभी बदलना नहीं पड़ेगा, ये जान ले।
यहाँ पे चेहरे पे नक़ाब पहने बैठे पड़े शख्स
अपनी नीयतें छिपा लेते ज़ुबान से
[Bridge]
मुझसे बात कर, तुझे खुद से मैं मिला दूँ,
तेरी रूह को चूमूँ, जिस्म की बेचैनियाँ मिटा दूँ।
तुझे दुनिया भी दिखा दूँ, हर एक मतलब भी सिखा दूँ,
कितनी क़ीमती है, तुझे तेरी अहमियत गिना दूँ।
जैसे चाँद बिना रात,
बिना रब ये ब्रह्मांड,
तू आज़ाद उड़, तेरे लिए खाली करा आसमान।
[Hook]
मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो,
या सच दिखा के ये आँखें खोल दो।
मुझे झूठी तसल्ली में नहीं जीना,
मेरा दिल फेंक दो और मेरी आस को तोड़ दो।
और मेरी साँस भी छोड़ दो, बसे जिसमें तुम,
मैं सहम जाता, सपनों में दिखते तुम।
अब ये मैं नहीं लिख रहा, लिखते तुम,
हुए खुद के भी नहीं, फिर किस के तुम?
Written by: Siddharth Kain
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