album cover
Khidkiya
114
Hip-Hop/Rap
Khidkiya was released on February 14, 2026 by Surmayi Records as a part of the album Khidkiya - Single
album cover
Release DateFebruary 14, 2026
LabelSurmayi Records
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM72

Music Video

Music Video

Credits

PERFORMING ARTISTS
Sankalp Pathak
Sankalp Pathak
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Sankalp Pathak
Sankalp Pathak
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
ABS
ABS
Producer

Lyrics

ABS in the beat
खिड़कियों से झाँक मैं रहा हूँ
झलक मैं देखने को क्यूँ मचल रहा हूँ?
सुना है तू शहर में वापिस आ गई है
तू घर की छत पे आ, मैं घर के तेरे सामने खड़ा हूँ
ख़यालों में मैं तेरे खो गया हूँ
दीवाना-सा झलक को मैं तड़प रहा हूँ
सुनी ख़बर सुबह जो तेरे आने की
सितारे रात के गिनूँ मैं जैसे वक़्त गिन रहा
खिड़कियों से झाँक मैं रहा हूँ
झलक मैं देखने को क्यूँ मचल रहा हूँ?
सुना है तू शहर में वापिस आ गई है
तू घर की छत पे आ, मैं घर के तेरे सामने खड़ा हूँ
शरारत है या तेरी नादानी?
तू इतनी बेख़बर है या इतनी बेगानी?
मैं सच कहूँ, मैं इश्क़ में हूँ डूबा इस क़दर
एक-तरफ़ा इश्क़, बेवफ़ा, तुझे समझ रहा
खिड़कियों से झाँक मैं रहा हूँ
झलक मैं देखने को क्यूँ मचल रहा हूँ?
सुना है तू शहर में वापिस आ गई है
तू घर की छत पे आ, मैं घर के तेरे सामने खड़ा हूँ
माना तेरे मेरे बीच फ़ासले बहुत हैं
महकती है इत्र-सी, परवानी भी बहुत है
सितारे चाँद के भी देखो फ़ासले बहुत हैं
पर बिन सितारे के फीकी ये चाँद की चमक है
तू मान ले ना बात मेरी, जान-ए-मन
तू जमती साथ मेरे, हम खिलेंगे सातों जनम
ये सपना देखूँ, अब ये टूटा, हो गई सुबह
मैं फिर से खिड़की पे खड़ा हूँ, इंतज़ार कर रहा
खिड़कियों से झाँक मैं रहा हूँ
झलक मैं देखने को क्यूँ मचल रहा हूँ?
सुना है तू शहर में वापिस आ गई है
तू घर की छत पे आ, मैं घर के तेरे सामने खड़ा हूँ
Written by: Sankalp Pathak
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