album cover
Jaadugar
225
Pop
Jaadugar was released on January 14, 2024 by Khoobsurat by Rushil Aswal as a part of the album Khoobsurat
album cover
Release DateJanuary 14, 2024
LabelKhoobsurat by Rushil Aswal
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM144

Credits

PERFORMING ARTISTS
Rushil Aswal
Rushil Aswal
Vocals
shreshth.
shreshth.
Piano
COMPOSITION & LYRICS
Rushil Aswal
Rushil Aswal
Songwriter, Composer, Lyrics
PRODUCTION & ENGINEERING
Rushil Aswal
Rushil Aswal
Producer
shreshth.
shreshth.
Producer
DRG
DRG
Mixing Engineer, Recording Engineer, Mastering Engineer
Prashant Jaggi
Prashant Jaggi
Mixing Engineer, Mastering Engineer

Lyrics

इस दुनिया में क्या ऐसा जादूगर कहीं?
जो एक पल में करदे सब कुछ ही सही
और बदले में वो हमसे कुछ भी ना माँगें
पर सपनों के अलावा ऐसा होता क्या कहीं?
जो कहते हैं कि ऐसा एक भी नहीं
ताला बना जिसकी चाबी ना कहीं
मेरा सवाल है सिर्फ उन से
कहां या किसके पास जाऊँ मैं ये चाबी ढूँढने?
ये ज़िंदगी आसान तो नहीं है
हर बनता ढाँचा एक मकान तो नहीं है
अब क्या करूँ?
कोई मुझे बतादे
मुझे अपनी ज़ुबान तो मिली है पर
ज़रूरत पड़ने पर ये चलती ही नहीं है
जब मैं उदास होऊँ
कोई मुझे हसा दे
तुम से ये बातें कहने
से पहले था सोचा मैंने
रह क्यों मैं ना पाता हूं
सबसे आगे
Har pal
हमेशा
गलत करूँ बातें कुछ पर
सही हैं इरादे मेरे
आधे गाने हैं जो लिखे
अकेले ही मैं गुनगुनाता रहूँ
ना जाने क्यूं ये जगमगाते तारे अब
दिखें तो इतने पास एक दूसरे के सब
मुझे कहें ये अस्लियत नहीं
किसी के पास किसी और के लिए अब वक्त नहीं
मैं चाहता था जब मैं रूठूँ मनाएँ सब
क्यूंकि मैंने भी दिया था जो भी तुम ने माँगा तब
पर पूछा तो मुझे मिले बहाने सौ
अब मेरे लिखे गीत तुम मुझे ही गाने दो
ये ज़िंदगी मज़ाक तो नहीं है और
सवाल काफी पर जवाब क्यूं नहीं है?
अब क्या करूँ?
कोई मुझे बतादे
मुझे अपनी ज़ुबान तो मिली है पर
ज़रूरत पड़ने पर ये चलती ही नहीं है
जब मैं उदास होऊँ
कोई मुझे हसादे
तुम से ये बातें कहने
से पहले था सोचा मैंने
रह क्यों मैं ना पाता हूं
सबसे आगे
Har pal
हमेशा
गलत करूँ बातें कुछ पर
सही हैं इरादे मेरे
आधे गाने हैं जो लिखे
अकेले ही मैं गुनगुनाता रहूँ
अब तुम मुझसे पूछोगे ये जादूगर कौन हैं?
असली होते हैं या ये उम्मीद के बहाने?
मैं बोलूँ ये वो लोग हैं जो साथ में लड़े थे
इनके आने के बाद ऊसूल मैंने बदले
मुझे तो लगता था कि मैं अकेला ही हूं काफी
और ये सोचने के लिए मैंने मांगूं खुदसे माफी
पर ये वो लोग हैं जो मेरे साथ में खड़े थे
अंधेरी रातों में ये मेरी रौशनी बने थे
ये ज़िंदगी आसान तो नहीं है
पर साथ लोग हो तो मज़ेदार बनजाती है
तो जानले
और सबको बतादे
ये सामने चुनौती जो खड़ी है
हो साथ मेरे यार तो ये छोटी सी लगती है
तू मानले, और दो पल बिताले
इनसे कुछ बातें करने से पहले ना सोचा मैंने
रह क्यों मैं ना पाता हूं
सबसे आगे
Har pal
हमेशा
गलत लगे बातें कुछ पर
सही हैं इरादे इनके
अब गाने जो मैं लिखूं
इनको तो सारे सुनाता रहूँ
Written by: Rushil Aswal
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