album cover
Hanuman Chalisa
2,031
Devotional & Spiritual
Hanuman Chalisa was released on July 19, 2011 by Times Music as a part of the album Hanuman Chalisa - Single
album cover
Release DateJuly 19, 2011
LabelTimes Music
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM131

Credits

PERFORMING ARTISTS
Pankaj Udhas
Pankaj Udhas
Lead Vocals
COMPOSITION & LYRICS
Kavi Narayan Agarwal
Kavi Narayan Agarwal
Songwriter

Lyrics

मनोजभम् मरुत तुल्य वेगम्
जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्
(माता ध्वज वानर युद्धम मुख्यम)
श्री राम दूतं शरणं प्रपद्ये
श्री गुरु चरण सरोज राजे
निज मन मुकुर सुधारि
बरनउँ रघुबर बिमल जसु
जो दायक फल चारि
बुधि हीन तनु जानिकै
सुमिरो पवन कुमार
बल बुद्धि विद्या देहु मोहि
हरहु कलेश विकार
(जय जय पवन सुत)
पवनसुत हनुमान की जय
जय जय पवन सुत
पवन सुत हनुमान की जय
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर
जय कपीस तिहु लोक उजागर
राम दूत अतुलित बल धामा
अंजानी पुत्र पवन सुत नामा
महावीर बिक्रम बजरंगी
कुमति निवार सुमति के संगी
कंचन वरन विराज सुबेसा
कानन कुंडल कुंचित केसा
हाथ वज्र और ध्वजा विराजे
काँधे मुंज जनेहु साजे
शंकर सुवन केसरी नंदन
तेज प्रताप महा जग वंदन
(जय पवन सुत)
(पवन सुत हनुमान की जय)
विद्यावान गुणी अति चातुर
राम काज करिबे को आतुर
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया
राम, लखन, सीता मन बसिया
सूक्ष्म रूप धरि सियाही दिखावा
विकट रूप धरि लंक जरावा
भीम रूप धरि असुर संघारे
रामचन्द्र जी के काज संवारे
लाए संजीवन लखन जियाए
श्री रघुवीर हरषि उर लाए
रघुपति किन्हि बहुत बड़ाई
तुम मम प्रिय भारत ही सम भाई
सहस बदन तुम्हारो यश गावे
असा कही श्रीपति कंठ लगावे
संकाधिक ब्रह्मादि मुनिसा
नारद सरद सहित अहिसा
यम कुबेर दिग्पाल जहाँ ते
कवि कोविद कहि सके कहाँ ते
तुम उपकार सुग्रीवहि किन्हा
राम मिलाए राजपद दिन्हा
तुम्हारो मंत्र विभीषण माना
लंकेश्वर भए सब जग जाना
युग सहस्त्र योजन पर भानु
लिल्यो तहि मधुर फल जनु
(जय पवन सुत)
(पवन सुत हनुमान की जय)
प्रभु मुद्रिका मेली मुख माहि
जलधि लंघि गए अचरज नहीं
दुर्गम काज जगत के जेते
सुगम अनुग्रह तुम्हारे तेते
राम द्वारे तुम रखवारे
होत ना आज्ञा बिनु पैसारे
सब सुख लहै तुम्हारी सर ना
तुम रक्षक काहू को डर ना
आपन तेज संभारो आपै
तिन्हो लोक हंक ते कनपाई
भूत पिसाच निकट नहीं आवे
महावीर जब नाम सुनावे
नासे रोग हरे सब पीरा
जपत निरंतर हनुमंत बीरा
संकट से हनुमान छुड़ावे
मन करम वचन ध्यान जो लवै
सब पर राम तपस्वी राजा
तिन के काज सकल तुम सजा
और मनोरथ जो कोई लावै
सोही अमित जीवन फल पावै
चारों युग प्रताप तुम्हारा
है प्रसिद्ध जगत उजियारा
साधु संत के तुम रखवारे
असुर निकंदन राम दुलारे
(जय पवन सुत)
(पवन सुत हनुमान की जय)
अष्ट सिद्धि नव निधि के धाता
अस्स वर दीन जानकी माता
राम रसायन तुम्हारे पासा
सदा रहो रघुपति के दास
तुम्हारे भजन राम को पावै
जनम-जनम के दुख बिसरावै
अंत काल रघुवीर पुर जायी
जहाँ जनम हरि भक्त कहयी
और देवता चित ना धरेहि
हनुमान्थ से हि सर्वे सुख करेहि
संकट कटे मिटे सब पीरा
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा
(जय पवन सुत)
(पवन सुत हनुमान की जय)
जय जय जय हनुमान गोसाई
कृपा करहु गुरुदेव की न्याही
जो सत बार पाठ करे कोहि
छूटे ही बंधी महा सुख होइ
जो यह पढ़े हनुमान चालीसा
होए सिद्धि सखी गौरीसा
तुलसीदास सदा हरि चेरा
कि जय नाथ हृदये में डेरा
जय पवन सुत
पवनसुत हनुमान की जय
जय जय पवन सुत
पवन सुत हनुमान की जय
(पवन तनय संकट हरण)
(मंगल मुरति रूप)
(राम, लखन, सीता सहित)
(हृदय बसहु सूर भूप)
Written by: Kavi Narayan Agarwal
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