album cover
Aarti
1,369
Indian Folk
Aarti was released on February 25, 2013 by Times Music as a part of the album Shree Chandipath, Vol. 3
album cover
Release DateFebruary 25, 2013
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM121

Music Video

Music Video

Credits

PERFORMING ARTISTS
Anuradha Paudwal
Anuradha Paudwal
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Kavi Narayan Agarwal
Kavi Narayan Agarwal
Songwriter

Lyrics

पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मंदिर शोभितं
निकट गंगा बहत निर्मल, बद्रीनाथ विश्वभरं
(पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मंदिर शोभितं)
(निकट गंगा बहत निर्मल, बद्रीनाथ विश्वभरं)
(श्री बद्रीनाथ विश्वभरं)
शेष सुमिरन करत निशि-दिन, धरत ध्यान महेश्वरं
वेद, ब्रह्मा करते स्तुति, श्री बद्रीनाथ विश्वभरं
(शेष सुमिरन करत निशि-दिन, धरत ध्यान महेश्वरं)
(वेद, ब्रह्मा करते स्तुति, श्री बद्रीनाथ विश्वभरं)
(श्री बद्रीनाथ विश्वभरं)
शक्ति गौरी, गणेश शारद, नारद मुनि उच्चारणं
योग, ध्यान, अपार लीला, बद्रीनाथ विश्वभरं
(शक्ति गौरी, गणेश शारद, नारद मुनि उच्चारणं)
(योग, ध्यान, अपार लीला, बद्रीनाथ विश्वभरं)
(श्री बद्रीनाथ विश्वभरं)
इंद्र, चंद्र, कुबेर, दिनकर, धूप, दीपक प्रकाशितं
सिद्ध मुिजन करत जय-जय, बद्रीनाथ विश्वभरं
(इंद्र, चंद्र, कुबेर, दिनकर, धूप, दीपक प्रकाशितं)
(सिद्ध मुिजन करत जय-जय, बद्रीनाथ विश्वभरं)
(श्री बद्रीनाथ विश्वभरं)
पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मंदिर शोभितं
निकट गंगा बहत निर्मल, बद्रीनाथ विश्वभरं
(पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मंदिर शोभितं)
(निकट गंगा बहत निर्मल, बद्रीनाथ विश्वभरं)
(श्री बद्रीनाथ विश्वभरं)
यक्ष, किन्नर करत कौतुक, ज्ञान गंधर्व प्रकाशितं
श्री लक्ष्मी कमला चँवर डोले, बद्रीनाथ विश्वभरं
(यक्ष, किन्नर करत कौतुक, ज्ञान गंधर्व प्रकाशितं)
(श्री लक्ष्मी कमला चँवर डोले, बद्रीनाथ विश्वभरं)
(श्री बद्रीनाथ विश्वभरं)
कैलाश में एक देव निरंजन, शैल शेखर महेश्वरं
राजा युद्धिष्ठिर करत स्तुति, श्री बद्रीनाथ विश्वभरं
(कैलाश में एक देव निरंजन, शैल शेखर महेश्वरं)
(राजा युद्धिष्ठिर करत स्तुति, श्री बद्रीनाथ विश्वभरं)
(श्री बद्रीनाथ विश्वभरं)
श्री बद्री जी के पंचरत्न, पढ़त पाप विनाशनं
कोटि तीर्थ प्रभुत पुण्यं, प्राप्यते फलदायकं
(श्री बद्री जी के पंचरत्न, पढ़त पाप विनाशनं)
(कोटि तीर्थ प्रभुत पुण्यं, प्राप्यते फलदायकं)
(श्री बद्रीनाथ विश्वभरं)
पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मंदिर शोभितं
निकट गंगा बहत निर्मल, बद्रीनाथ विश्वभरं
(पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मंदिर शोभितं)
(निकट गंगा बहत निर्मल, बद्रीनाथ विश्वभरं)
श्री बद्रीनाथ विश्वभरं
(श्री बद्रीनाथ विश्वभरं)
श्री बद्रीनाथ विश्वभरं
(श्री बद्रीनाथ विश्वभरं)
श्री बद्रीनाथ विश्वभरं
(श्री बद्रीनाथ विश्वभरं)
श्री बद्रीनाथ विश्वभरं
(श्री बद्रीनाथ विश्वभरं)
(श्री बद्रीनाथ विश्वभरं)
Written by: Kavi Narayan Agarwal
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