album cover
Parwaaz
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Lyrics

ये काग़ज़ भरते रहते हैं, मैं दुनिया लिखता रहता हूँ
हवाएँ चलती रहतीं, मैं पतंग-सा उड़ता रहता हूँ
मर चुका सौ बार फिर भी ज़िंदा रहता हूँ
मैं सबको दे सकूँ बस प्यार, रब से इतना कहता हूँ
हालातों की चादर ओढ़े बैठा हूँ
मेरा सागर में घर, किनारों से कहता हूँ
वीराना है आँगन पर सावन को ना तरसे
मंज़िल मिल जाएगी, ना मिलते फिर ये रस्ते
ये मंज़िल मिल गई तो ठीक
और ना मिल सकी तो क्या?
जो रस्तों से करा ना प्यार तुमने
तो करा भी क्या?
क्या कमाया? क्या गँवा दूँ?
मिट्टी ये सब कुछ
टूटता वो फूल भी जो
कल खिला था ख़ुद
যেয়ো না
যেয়ো না
ये रातें कटती रहती हैं, मैं तारे गिनता रहता हूँ
मैं कुछ बनने की चाहत में हूँ, ख़ुद बस मिटता रहता हूँ
आँधी या बरसात हो, मैं चलता रहता हूँ
मैं सपनों का भरा श्मशान लेकर बढ़ता रहता हूँ
যেয়ো না
যেয়ো না
Written by: Anand Mishra

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