album cover
Bajrang Ban
8
Devotional & Spiritual
Bajrang Ban was released on September 1, 2006 by Shemaroo Entertainment Ltd as a part of the album Shree Hanuman Chalisa
album cover
Release DateSeptember 1, 2006
LabelShemaroo Entertainment Ltd
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM181

Credits

PERFORMING ARTISTS
Jitender Singh
Jitender Singh
Lead Vocals, Music Director
PRODUCTION & ENGINEERING
TwentyNine Twelve Productions
TwentyNine Twelve Productions
Producer
Raju Rajasthani
Raju Rajasthani
Producer

Lyrics

निश्चय प्रेम प्रतीति ते
विनय करें सनमान
निश्चय प्रेम प्रतीति ते
विनय करें सनमान
तेहि के कारज सकल शुभ
सिद्ध करें हनुमान
जय हनुमंत संत हितकारी
सुन लीजै प्रभु विनय हमारी
जन के काज बिलंब न कीजै
आतुर गौरि महा सुख दीजै
जैसे कूदि सिंधु के पारा
सुरसा बदन पैठि बिस्तारा
आगे जाय लंकिनी रोका
मारेहु लात गई सुरलोका
जाय बिभीषन को सुख दीन्हा
सीता निरखि परमपद लीन्हा
बाग उजारि सिंधु महँ बोरा
अति आतुर यमकातर तोरा
अक्षय कुमार मारि संहारा
लूम लपेटि लंक को जारा
लाह समान लंक जरि गई
जय-जय धुनि सुरपुर नभ भई
अब बिलंब केहि कारन स्वामी
कृपा करहु उर अंतरजामी
जय-जय लखन प्रान के दाता
आतुर ह्वोए दुःख करहु निःपाता
जै हनुमान जयति बल-सागर
सुर-समूह-समरथ भट-नागर
ॐ हनु-हनु-हनु-हनुमंत हठीले
बैरिहि मारु बज्र की कीले
ॐ ह्नीं-ह्नीं-ह्नीं हनुमंत कपीसा
ॐ हुं-हुं-हुं-हनु अरि उर सीसा
जय अंजनि कुमार बलवंता
शंकर स्वयं वीर हनुमंता
बदन कराल-काल-कुल-घालक
राम सहाय सदा प्रतिपालक
भूत, प्रेत, पिसाच निसाचर
अग्नि बेताल काल मारी मर
इन्हें मारु, तोहि सपथ राम की
राखु नाथ मरजाद नाम की
सत्य होहु हरि सपथ पाइ कै
राम दूत धरु-मारु धाइ कै
जय-जय-जय हनुमंत अगाधा
दुःख पावत जन केहि अपराधा
पूजा, जप, तप नेम अचारा
नहिं जानत कछु दास तुम्हारा
बन उपबन मग गिरि ग्रह माहीं
तुम्हरे बल हौं डरपत नाहीं
जनकसुता हरि दास कहावौ
ताकी सपथ बिलंब न लावौ
जै-जै-जै धुनि होत अकासा
सुमिरत होय दुसह दुःख नासा
चरन पकरि कर जोरि मनावौं
यहि औसर अब केहि दौहरावौं
उठु-उठु चलु तोहि राम दुहाई
पायँ परौं कर जोरि मनाई
ॐ चं-चं-चं-चं-चपल-चलंता
ॐ हनु-हनु-हनु-हनु-हनुमंता
ॐ हं-हं-हाँक देत कपि चंचल
ॐ सं-सं-सहमि पराने खल-दल
अपने जन को तुरत उबारौ
सुमिरत होय आनंद हमारौ
यह बजरंग-बाण जेहि मारै
ताहि कहौ फिरि कवन उबारै
पाठ करै बजरंग-बाण की
हनुमत रक्षा करैं प्राण की
यह बजरंग बाण जो जापैं
तासों भूत-प्रेत सब कापैं
धूप देय जो जपै हमेसा
ताके तन नहिं रहै कलेसा
ताके तन नहिं रहै कलेसा
उर प्रतीति दृढ़, सरन है
पाठ करै धरि ध्यान
बाधा सब हर
करैं सब काम सफल हनुमान
Written by: Siddharth Amit Bhavsar, Traditional
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