Lyrics
ओढ़ के धानी चुनरिया, चोली लहंगा जयपुरिया।
पहन के आई गुज़रिया, नाचे बनके बावरिया।
बोले मीठे बोल। रे ढम ढम ढम ढम ढम ढम
बाजे ढोली का ढोल, रे ढम ढम, बाजे ढोली का ढोल।
बाजे ढोली का ढोल, रे ढम ढम भाजे ढोली का ढोल।
ओढ़ के धानी चुनरिया, चोली लहंगा जयपुरिया।
पहन के आई गुज़रिया, नाचे बनके बावरिया। बोले मीठे बोल।
रे ढम ढम ढम ढम ढम ढम बाजे ढोली का ढोल
रे ढम ढम भाजे ढोली का ढोल। रंग रस बरसे
सज धज घर से, आए हैं सब नर नार, आये हैं सब नर नार।
गरबे वाली, रात सुहानी, आती नहीं बार बार।
आती नहीं बार बार। घूंघट के पट खोल। बोले मीठे बोल।
रे ढम ढम ढम ढम ढम ढम। बाजे ढोली का ढोल रे।
ढम ढम बाजे ढोली का ढोल। बाजे ढोली का ढोल रे।
ढम ढम बाजे ढोली का ढोल।
धूम मची है, लगन लगी है। जगमग है रात भी, जगमग है रात भी।
होठों से भी अनकही सी कहनी है बात भी कहनी है बात भी।
ये पल है अनमोल। बोले मीठे बोल रे।
ढम ढम ढम ढम ढम ढम ढम।
बाजे ढोली का ढोल रे ढम ढम बाजे ढोली का ढोल।
बाजे ढोली का ढोल रे ढम ढम भाजे ढोली का ढोल।
आए हैं नवरात्र लेके नौ रंगों की बहार, नौ रंगों की बहार।
सात सुरों के सुर ने छेड़े सबके मन के तार, सबके मन के तार।
टीका न में मिश्री घोल बोले मीठे बोल रे।
ढम ढम ढम ढम ढम ढम बाजे ढोली का ढोल रे, ढम ढम बाजे ढोली का ढोल।
बाजे ढोली का ढोल रे ढम ढम भाजे ढोली का ढोल।
हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो।
Written by: Sawan Kumar Sawan


