album cover
HARAMI
4.285
Hip-Hop/Rap
HARAMI adlı parça albümünün bir parçası olarak Kala Kranti Media tarafından 12 Ocak 2023 tarihinde yayınlandıHARAMI - Single
album cover
Çıkış Tarihi12 Ocak 2023
FirmaKala Kranti Media
Melodiklik
Akustiklik
Valence
Dans Edilebilirlik
Enerji
BPM100

Krediler

PERFORMING ARTISTS
KhullarG
KhullarG
Vocals
COMPOSITION & LYRICS
KhullarG
KhullarG
Lyrics
Mudit Nanda
Mudit Nanda
Composer
PRODUCTION & ENGINEERING
KhullarG
KhullarG
Producer
SemmiOnTheBeat
SemmiOnTheBeat
Producer
Maven Music
Maven Music
Producer
Outfly
Outfly
Mixing Engineer

Şarkı sözleri

ए, तुझे लगा फसा तेरे जाल में हूं
करती निगाहों से कमाल है तू
बेबी, मुझे ज़रा भी नहीं जानती तू
सिर्फ शकल से नहीं, वैसे भी हरामी हूं (एव)
उड़ता जो ज़्यादा उसकी टांग खींचूँ (brr-brr)
जबसे हुआ पैदा तबसे कांडी हु
इस बात को दिमाग में अब डाल ले तू
सिर्फ शकल से नहीं, वैसे भी हरामी हूं (ऊह, शि-)
पीती देसी, तू पीती अंग्रेज़ी नहीं (ब्र्र)
लगे क्रेज़ी, तू लगे अमेज़िंग नहीं
एक बात तोह बता दे: करनी बेइज़्ज़ती ही थी
तोह कल रात तू क्यों स्नैप मुझे भेज रही थी? (आह)
शकल लगे तेरी कहीं देखी हुई
पहली डेट पे सवाल जैसे केबीसी (हा-आह)
खबर रखे सारी जैसे एबीपी (ऊह)
कुछ गड़बड़ है", दया बोले एसीपी (ऊह, ऊह, ऊह)
स्टुपिड तोह नहीं डालूँ मैं दाना वू
जब भी होती ऐसी बात, मैं बना दूँ बहाना
वो लगे स्नैक!
पर नहीं खाना ये खाना
ये बाबू-शोना हुआ बहुत
तू बनाने दे गाना
मैं डालूँ सारा मसाला
बस अभी चटका हूं आधा
पार्टी में आया हूं जबसे तुझे चढ़ गई है माता (ब्र्र)
इत्ता बोले तू ज्यादा कि मेरा खा गई है माथा (ब्र्र)
बनती चालू तू ज्यादा तोह बहन, कल आना! बाय!
तुझे लगा फसा तेरे जाल में हूं (वू)
करती निगाहों से कमाल है तू (वू, वू)
बेबी मुझे ज़रा भी नहीं जानती तू (ब्र्र)
सिर्फ शकल से नहीं, वैसे भी हरामी हूं (शि-)
उड़ता जो ज़्यादा उसकी टांग खींचूं
जबसे हुआ पैदा तबसे कांदी हूं
इस बात को दिमाग में अब डाल ले तू (व्हू, व्हू)
सिर्फ शकल से नहीं, वैसे भी हरामी हूं (ब्रर, रिपऑफ)
गोटी कल्टी मार, इसे चढ़ गई आज
खाली फोकट ये गले मेरे पड़ गयी आज (ओह)
करे आधा डाउन, बने कैटरीना (ब्र्र, ब्र्र)
(ब्रर, ब्रर) बेबी घर जा तू, कॉल आरा मम्मी का
सच्ची बात लाया लम्बी कार (वू, वू)
हूं मैं रजनीकांत जैसा संगीतकार (ए, ए)
तभी आधी रात करे लम्बी बात (वू, वू)
चाहे अंबिका हो चाहे संगीता (ए, ए)
करती दिमाग को खराब तू क्यूं? (whoo)
लड़ती क्यों रहती हर बात पे तू? (वू, वू)
बेबी, मुझे ज़रा भी नहीं जानती तू (ब्र्र)
सिर्फ शकल से नहीं, वैसे भी हरामी हूं (शि-)
अवार्ड नहीं चाहिए, देदे गांधी तू
सप्लाई की नहीं कमी, मैं डिमांड में हूं (ब्रर)
इस बात को दिमाग में अब डाल ले तू (ऊह, ऊह, ब्रर)
(ब्र्र) सिर्फ शकल से नहीं, वैसे भी हरामी हूं
हरामी हूं, हरामी हूं
सिर्फ शकल से नहीं, वैसे भी हरामी हूं
हरामी हूं, हरामी हूं
सिर्फ शकल से नहीं, वैसे भी (म्-ह्ह)
Written by: Gaurav Pawankumar Khullar, Mudit Nanda
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