album cover
Dard-E-Dil
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Dard-E-Dil adlı parça {albumName} albümünün bir parçası olarak Sony Music Entertainment India Pvt. Ltd. tarafından 2 Eylül 2023 tarihinde yayınlandıKasam Paida Karne Wale Ki
2 Eylül 2023
FirmaSony Music Entertainment India Pvt. Ltd.
BPM
Melodiklik
Akustiklik
Valence
Dans Edilebilirlik
Enerji

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Şarkı sözleri

सुनो मेरा दर्द ए दिल
उसने ज़ख्म दिया फिर वो हँसके चल पड़ी
हम तो उनके मुंतज़िर
शिकवे लाखो पर
चेहरे पे शिकन नहीं
सुनो मेरा दर्द ए दिल
उसने ज़ख्म दिया फिर वो हँसके चल पड़ी
हम तो उनके मुंतज़िर
शिकवे लाखो पर
चेहरे पे शिकन नहीं
उसने जलाया हमको
मैं उससे जला कब
होता ज़रा बता ऐसा इंसाफ़ कहाँ पर
दगा कर
फिर उसकी दवा कर
बात बस इतनी सी कि गया नी तू बता कर
तुमने रुलाया हमको
आँसू ना बहा पर
होता ज़रा बता ऐसा इंसाफ़ कहाँ पर
ज्यादा सुनाया तूने
और फिर सुना कम
बात बस इतनी सी कि गया नी तू बता कर
पढ़ा कर तू मेरे बारे पढ़ा कर
जाना है क्या ऊपर लेके वफा तुझे बचाकर
हंसी गया फँसाकर
हँसी गई भुला कर
कोई घायल ना छूटे जब कोई छोड़े गले लगाकर
नज़्म तेरे नाम पे तो देता हूं कुछ बड़ा पढ़
हो गई तू खर्च करूंगा क्या इतना कमा कर
ज्यादा सुनाया तूने
और फिर सुना कम
बात बस इतनी सी कि गया नी तू बता कर
सुनो मेरा दर्द ए दिल
उसने ज़ख्म दिया फिर वो हँसके चल पड़ी
हम तो उनके मुंतज़िर
शिकवे लाखो पर
चेहरे पे शिकन नहीं
सुनो मेरा दर्द ए दिल
उसने ज़ख्म दिया फिर वो हँसके चल पड़ी
हम तो उनके मुंतज़िर
शिकवे लाखो पर
चेहरे पे शिकन नहीं
कहना तो है काफी तुमसे
शायद एक बार तो माँग लोगी माफी मुझसे
लोग कहते हम ना रह गए है पहले जैसे
शायद तू रह गई है काफी मुझमे
भरी दुनिया लगती खाली सी है
ना हूँ अकेला पर अकेलेपन का साथ भी है
तू गई तो चला गया सुकून भी
अब किसी जिस्म में तेरे जिस्म सा आराम नी है
चेहरे काफी पर है तेरा चेहरा नहीं
कहते सब पर कोई तुमसा कहता नहीं
रहने को है काफी घर मेरे पास
पर ना घरमे होती तू तो घर भी घर सा लगता नहीं
लगता नहीं
घरसा लगता नहीं नहीं नहीं
लगता नहीं
घर भी घर सा कगता नहीं
सबकुछ पाकर भी सब खो दिया है
किया इतना सब पर तू ना तो क्यूं किया है
झगड़ता ना है मुझसे अब कोई
अपने में हूं रहता क्योंकि अपनों को ही खो दिया है
खो दिया है
खो दिया है
खो दिया है
सुनो मेरा दर्द ए दिल
उसने ज़ख्म दिया फिर वो हँसके चल पड़ी
हम तो उनके मुंतज़िर
शिकवे लाखो पर
चेहरे पे शिकन नहीं
सुनो मेरा दर्द ए दिल
उसने ज़ख्म दिया फिर वो हँसके चल पड़ी
हम तो उनके मुंतज़िर
शिकवे लाखो पर
चेहरे पे शिकन नहीं
Written by: Panther
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