album cover
Afreen Afreen
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Şarkı sözleri

आँखें देखीं तो मैं देखता रह गया
जाम दो, और दोनों ही दो-आतिशा
आँखें या मैकदे के ये दो बाब हैं?
आँखें इनको कहूँ या कहूँ ख्वाब हैं?
आँखें नीची हुईं तो हया बन गईं
आँखें ऊँची हुईं तो दुआ बन गईं
आँखें उठ कर झुकीं तो अदा बन गईं
आँखें झुक कर उठीं तो क़ज़ा बन गईं
आँखें जिन में हैं क़ैद आसमान और ज़मीन
नरगिसी, नरगिसी, सुरमई, सुरमई
हुस्न-ए-जानाँ की तारीफ मुमकिन नहीं
हुस्न-ए-जानाँ की तारीफ मुमकिन नहीं
आफ़रीन, आफ़रीन, आफ़रीन, आफ़रीन
तू भी देखे अगर तो कहे, हम-नशीन
आफ़रीन, आफ़रीन, आफ़रीन, आफ़रीन
हुस्न-ए-जानाँ की तारीफ मुमकिन नहीं
हुस्न-ए-जानाँ की तारीफ मुमकिन नहीं
ऐसा देखा नहीं खूबसूरत कोई
जिस्म जैसे, अजंता की मूरत कोई
जिस्म जैसे, निगाहों पे जादू कोई
जिस्म नग़्मा कोई, जिस्म खुशबू कोई
जिस्म जैसे, मचलती हुई रागिनी
जिस्म जैसे, महकती हुई चाँदनी
जिस्म जैसे कि खिलता हुआ एक चमन
जिस्म जैसे कि सूरज की पहली किरण
जिस्म तरशा हुआ दिलकश-ओ-दिलनशीं
संदली, संदली, मरमरी, मरमरी
हुस्न-ए-जानाँ की तारीफ मुमकिन नहीं
हुस्न-ए-जानाँ की तारीफ मुमकिन नहीं
आफ़रीन, आफ़रीन, आफ़रीन, आफ़रीन
तू भी देखे अगर तो कहे, हम-नशीन
आफ़रीन, आफ़रीन, आफ़रीन, आफ़रीन
हुस्न-ए-जानाँ की तारीफ मुमकिन नहीं
हुस्न-ए-जानाँ की तारीफ मुमकिन नहीं
Written by: Javed Akhtar
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