album cover
MUKHYA
16
Hip-Hop/Rap
MUKHYA adlı parça albümünün bir parçası olarak Vaibhav tarafından 31 Ağustos 2023 tarihinde yayınlandıMUKHYA - Single
album cover
Çıkış Tarihi31 Ağustos 2023
FirmaVaibhav
Melodiklik
Akustiklik
Valence
Dans Edilebilirlik
Enerji
BPM59

Müzik Videosu

Müzik Videosu

Krediler

PERFORMING ARTISTS
VAIBHAV
VAIBHAV
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Vaibhav Nagpal
Vaibhav Nagpal
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
VAIBHAV
VAIBHAV
Producer
SickLot
SickLot
Mixing Engineer

Şarkı sözleri

तू
माने ना १२वीं तक
मेरी माँ ने ये कहा कि
मेरा है नी मुकाबला मेरा
तूऊऊऊऊऊऊ
जाने ना फ़ालतू लक
मेरा कभी ना चलु
तो साला करु ना ट्रस्ट इसको अभी
तूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊ
वादों को परे रख
अपनी आर्ट से
निशाना कभी चुका ना है लगता सीधा
तू
जाने ये फालतू शक्स
पड़े गले मेरे
तो है साला करना वर्तमान ठीक अब
करना वर्तमान ठीक अब
चढ़ना सीढ़ी आगे सीखा
कोई भी अर्चन आजाए सर पे
कर सकता मैं अब हैंडल
कोई भी दर्पण यहापे नी
दिखा सकता जो असल चेहरा
कोई भी घर पर यहा पे नही
बना सकता जो कल मेरा
तो मैं काम अपने लिए ही करता इधर बस अब
इनाम अपने नाम ही करता हू खुदको ट्रस्ट अब
विकार अपने आप में करता हूं रोज़
मैं फर्स्टअप शिकार करने से पहले
देखता नी हु शक्स अब
तोड़ी नी विरासत पहले
होती थी शराफत पहले
थोड़ी सी शैतानी पे भी
होती थी शिकायत पहले
थोड़ी सी हिदायत थी
और थोड़ी सी किफ़ायत मे
मैं रखता था हुनर को
अपने छोटी किसी डायरी में
देखता नहीं किसी का अब मैं कम्फर्ट
रहता हूं सबके सामने ब्लंट अब
लेता हूं खुदके इरादे सख्त अब
दूर नि दिखता मुझे ये लक्ष अब
(तूऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽ
माने ना १२वीं तक
मेरी माँ ने ये कहा कि
मेरा है नी मुकाबला मेरा
तूऊऊऊऊऊऊ
जाने ना फ़ालतू लक
मेरा कभी ना चलु
तो साला करु ना ट्रस्ट इसको अभी
तूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊ
वादों को परे रख
अपनी आर्ट से
निशाना कभी चुका ना है लगता सीधा
तू
जाने ये फालतू शक्स
पड़े गले मेरे
तो है साला करना वर्तमान ठीक अब) तो है साला करना वर्तमान ठीक अब)
लड़ना मुझको आखिरी तक
लगना मुझको मामूली ना
पड़ता मुझको ना फरक कि होरी इनकी पार्टीज़ कहाँ
करता ना है मज़रत ये दिल अब मेरा पाकीज़ह
झड़ता इनका वहां पे लक दिखे इन्हें जहाँ चिंता
मेरी हिल रखी है मानसिकता
जहाँ पे भी जाऊ
मुझे छोड़ नी है छाप एकदम
जहाँ पे ही गाऊँ
ओन करु पूरा स्टेज अपना
करके दिखाऊ
जो मैं ख़ुद भी नहीं सोच सकता
ख़ुद भी नहीं फ़ोर्स रखता
इतनी कि मैं कंट्रोल करु खुदको
ना छोड़ सकता अपनी शक्तियों को
सालों भुक्तो
अब चेंज करने पन्ने इतिहास के द बुक्स जो
अब स्लेव करने छोड़े, और आए बनके मुखिया
Written by: Vaibhav Nagpal
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