album cover
Rog
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Rog adlı parça {albumName} albümünün bir parçası olarak DARZI tarafından 19 Ağustos 2022 tarihinde yayınlandıAwaaz
AlbümAwaaz
19 Ağustos 2022
FirmaDARZI
DilHintçe
BPM123
Melodiklik
Akustiklik
Valence
Dans Edilebilirlik
Enerji

Şarkı sözleri

[Verse 1]
अरे पड़ गया जोग
ज़लील है भोग
नए नए लोग देखे
लग गया रोग
डर गए वो
घर गए वो
जहाँ भी चले गए
मर गए वो
छीनी है हँसी
चुप रह गई
ज़िंदा हूं मगर
साँसें बंद हो गईं
कैसा है ये मोह
दिख गया जो
उसी के ही पीछे अब
पड़ गया वो
आ
आ
अरे लग गया रोग ओग
शाम सवेरे दिल में
अंधेरा रहता है
कटती हूं मैं ख़ुदको
घाव गहरा लगता है
देखती हूं शीशे में
आँसू बेह जाती हूं
मोटी या फिर काली
सबको मैं लगती हूं
[Verse 2]
ली है मेरी जान
हूं मैं परेशान
दिल भी है टूटा
अब टूटे अरमान
रोया आसमान
भीगा है जहा
मिट्टी भी है भूरी
भूरा मेरा है नकाब
कैसा है ये रोग
लगता है रोज़
जाता है नहीं कहीं
है ये घनघोर
चलती हवा
उड़ता बयान
पूछती हूं अब भी
क्या नहीं मैं इंसान
आ
आ
क्या नहीं मैं इंसान
आ
शाम सवेरे दिल में
अंधेरा रहता है
कटती हूं मैं ख़ुदको
घाव गहरा लगता है
देखती हूं शीशे में
आँसू बेह जाती हूं
मोटी या फिर काली
सबको मैं लगती हूं
जैसी भी हूं काफी
मैं कब हो पाऊँगी
ख़ुद को ही मैं माफी
अब कब दे पाऊँगी
डूब मरूंगी लेकिन
मैं सब सह जाऊँगी
ख़ुद से ही मैं नफ़रत
अब ना कर पाऊँगी
Written by: Yash Saxena
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