album cover
Duniya
album cover
Duniya was released on February 27, 2009 by T-Series as a part of the album Gulaal (Original Motion Picture Soundtrack)
February 27, 2009
LanguageHindi
BPM171
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy

Music Video

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Lyrics

ओ, री, दुनिया
ओ, री, दुनिया
ए, ओ, री, दुनिया
कि सुरमई आँखों के प्यालों की दुनिया, ओ, दुनिया
सुरमई आँखों के प्यालों की दुनिया, ओ, दुनिया
सतरंगी रंगों, गुलालों की दुनिया, ओ, दुनिया
सतरंगी रंगों, गुलालों की दुनिया, ओ, दुनिया
अलसाई सेजों के फूलों की दुनिया, ओ, दुनिया, रे
अंगड़ाई तोड़े कबूतर की दुनिया, ओ, दुनिया, रे
कि करवट ले सोई हक़ीक़त की दुनिया, ओ, दुनिया
दीवानी होती तबीयत की दुनिया, ओ, दुनिया
ख़्वाहिश में लिपटी ज़रूरत की दुनिया, ओ, दुनिया रे
कि इंसाँ के सपनों की नीयत की दुनिया, ओ, दुनिया
ओ, री, दुनिया
ओ, री, दुनिया
ओ, री, दुनिया
ओ, री, दुनिया
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है?
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है?
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है?
ममता की बिखरी कहानी की दुनिया, ओ, दुनिया
बहनों की सिसकी जवानी की दुनिया, ओ, दुनिया
आदम के हवा से रिश्ते की दुनिया, ओ, दुनिया रे
शायर के फीके लफ़्ज़ों की दुनिया, ओ, दुनिया
ग़ालिब के, मोमिन के ख़्वाबों की दुनिया
मजाज़ों के उन इन्क़लाबों की दुनिया
ग़ालिब के, मोमिन के ख़्वाबों की दुनिया
मजाज़ों के उन इन्क़लाबों की दुनिया
फ़ैज़, फिराक, ओ, साहिर, ओ, मख़दूम
मीर की ज़ौक की दाग़ों की दुनिया
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है?
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है?
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है?
पलछिन में बातें चली जाती हैं-हैं
पलछिन में रातें चली जाती हैं-हैं
रह जाता है जो सवेरा वो ढूँढे
जलते मकाँ में बसेरा वो ढूँढे
जैसी बची है, वैसी की वैसी बचा लो ये दुनिया
अपना समझ के अपनों के जैसी उठा लो ये दुनिया
छुट-पुट सी बातों में जलने लगेगी, सँभालो ये दुनिया
कट-पिट के रातों में पलने लगेगी, सँभालो ये दुनिया
ओ, री, दुनिया
ओ, री, दुनिया
वो कहे हैं कि दुनिया ये इतनी नहीं है
सितारों से आगे जहाँ और भी हैं
ये हम ही नहीं हैं, वहाँ और भी हैं
हमारी हर इक बात होती वहीं हैं
हमें एतराज़ नहीं है कहीं भी
वो आलिम हैं, फ़ाज़िल हैं, होंगे सही ही
मगर फ़लसफ़ा ये बिगड़ जाता है जो वो कहते हैं
आलिम ये कहता, "वहाँ ईश्वर है"
फ़ाज़िल ये कहता, "वहाँ अल्लाह है"
क़ाबिल ये कहता, "वहाँ ईसा है"
मंजिल ये कहती तब इंसान से कि
"तुम्हारी है, तुम ही सँभालो ये दुनिया"
ये बुझते हुए चंद बासी चराग़ों
तुम्हारे ये काले इरादों की दुनिया
ए, ओ, री, दुनिया
ओ, री, दुनिया
ओ, री, दुनिया
Written by: Piyush Mishra
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