album cover
Khidki
1,123
Indian Folk
Khidki was released on January 1, 2007 by Raghu Dixit as a part of the album Antaragni - The Fire Within
album cover
Release DateJanuary 1, 2007
LabelRaghu Dixit
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM

Credits

PERFORMING ARTISTS
Raghu Dixit
Raghu Dixit
Vocals, Acoustic Guitar
Abhijit
Abhijit
Programming
Anirban Chakravarthy
Anirban Chakravarthy
Electric Guitar
Guarav Vaz
Guarav Vaz
Bass
Keith Peters
Keith Peters
Bass
Siva Prakash
Siva Prakash
Programming
COMPOSITION & LYRICS
Raghu Dixit
Raghu Dixit
Songwriter, Arranger
Niraj Singh
Niraj Singh
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
Raghu Dixit
Raghu Dixit
Producer

Lyrics

खिड़की ये सोने ना दे रे
रात भर मुझे जगाए रे
खिड़की ये सोने ना दे रे
रात भर मुझे जगाए रे
सपनों को करवटों को
यादों को उलझनों को
रात भर फिर जगाए रे
सपनों को करवटों को
यादों को उलझनों को
रात भर फिर जगाए रे
आँख बंध करना चाहूँ रे
याद तेरी फिर सताए रे
आँख बंध करना चाहूँ रे
याद तेरी फिर सताए रे
किस्सों के काफिलों का
राहों का मंज़िलों का
कारवाँ चलता जाए रे
किस्सों के काफिलों का
राहों का मंज़िलों का
कारवाँ चलता जाए रे
खिड़की ये सोने ना दे रे
रात भर मुझे जगाए रे
ओ खिड़की ये सोने ना दे रे हे
आ भी जा आ भी जाना रे
आंखों में बस भी जाना रे
दिल में थोड़ी खामोशी
हल्की सी फूँक दे आ जा रे
ओ जब पवन झोंका लाए रे
बीता कल फिर जगाए रे
जब पवन झोंका लाए रे
बीता कल फिर जगाए रे
चांद में सितारों में
नींद के बाज़ारों में
आहटें बढ़ती जाए रे
चांद में सितारों में
नींद के बाज़ारों में
आहटें बढ़ती जाए रे
ओ खिड़की ये सोने ना दे रे
रात भर मुझे जगाए रे
खिड़की ये सोने ना दे रे
रात भर मुझे जगाए रे
सपनों को करवटों को
यादों को उलझनों को
रात भर फिर जगाए रे
सपनों को करवटों को
यादों को उलझनों को
रात भर फिर जगाए रे
ओ खिड़की ये सोने ना दे रे
खिड़की ये सोने ना दे रे
ओ खिड़की ये सोने ना दे रे हे
Written by: Niraj Singh Rajawat, Raghu Dixit
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