album cover
Kabootar
44,660
Regional Indian
Kabootar was released on November 1, 2021 by Desi Records as a part of the album Kabootar - Single
album cover
Release DateNovember 1, 2021
LabelDesi Records
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM107

Credits

PERFORMING ARTISTS
Renuka Panwar
Renuka Panwar
Performer
Surender Romio
Surender Romio
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Aman Jaji
Aman Jaji
Composer
Rakesh Majreya
Rakesh Majreya
Songwriter

Lyrics

मन्नै देख कै हाँसै, देख कै खाँसै, बलम मेरा वो जेठा
मन्नै देख कै हाँसै, देख कै खाँसै, बलम मेरा वो जेठा
उड़्या-उड़्या यो कबूतर, मेरे ढुङ्गे पै बैठ्या
उड़्या यो कबूतर, मेरे ढुङ्गे पै बैठ्या
उड़्या यो कबूतर, मेरे ढुङ्गे पै बैठ्या
म्हारा उत्ताँ का सै गाम बावली ज्यादा ना गिरकाइये रै
उत्ताँ का सै गाम बावली ज्यादा ना गिरकाइये
उड़ जाइए रै, कबूतर उड़ जाइए रै
उड़ जाइए रै, कबूतर उड़ जाइए रै
उड़ जाइए रै, कबूतर उड़ जाइए रै
पहर कै नै लाल suit, हाए, चढ़गी चुबारे म्ह
हो, कुए ऊपर पाणी लेण जाऊँ ना दुबारे मैं
हो, पहर कै नै लाल suit, हाए, चढ़गी चुबारे म्ह
हाँ, कुए ऊपर पाणी लेण जाऊँ ना दुबारे मैं
काळी चोटी भी ढुङ्गे गैल्या खा गी रै लपेटा
उड़्या-उड़्या यो कबूतर, मेरे ढुङ्गे पै बैठ्या
उड़्या यो कबूतर, मेरे ढुङ्गे पै बैठ्या
उड़्या यो कबूतर, मेरे ढुङ्गे पै बैठ्या
रै, काम तो करणा पड़ै तन्नै, क्यों घणे चल्लतर छाटै सै?
तेरे बालम तै सुण ले आधे गाम के filter पाटै सै
रै, काम तो करणा पड़ै तन्नै, क्यों घणे चल्लतर छाटै सै?
रै, तेरे बालम तै सुण ले आधे गाम के filter पाटै सै
पाणी तो ल्याणा पड़ै तन्नै चाहे ओछा मटका ल्याइए रै
उड़ जाइए रै, कबूतर उड़ जाइए रै
उड़ जाइए रै, कबूतर उड़ जाइए रै
उड़ जाइए रै, कबूतर उड़ जाइए रै
हाए, मेरी जेठाणी बलमा लेरी सै मौज हो
मेरा इतना भारी घागरा मर री सु बोझ हो
हाए, मेरी जेठाणी बलमा जी लेरी सै मौज हो
मेरा इतना भारया घागरा मर री सु बोझ हो
मेरी मटकणी या चाल पूरा भर देगी रै पेटा
उड़्या-उड़्या यो कबूतर, मेरे ढुङ्गे पै बैठ्या
उड़्या यो कबूतर, मेरे ढुङ्गे पै बैठ्या
उड़्या यो कबूतर, मेरे ढुङ्गे पै बैठ्या
Rakesh Majreya तै सुणले, तन्नै काल जान मिलवा द्यूँगा
रै, खास यार सै अपणा, तेरे उप्पर गीत लिख्या द्यूँगा
Rakesh Majreya तै सुणले, तन्नै काल जान मिलवा द्यूँगा
रै, खास यार सै अपणा, तेरे उप्पर गीत लिख्या द्यूँगा
तेरी छः किलो की ल्याऊँ पाजेब, तू पैर धड़ा-धड़ ठाइये रै
उड़ जाइए रै, कबूतर उड़ जाइए रै
उड़ जाइए रै, कबूतर उड़ जाइए रै
उड़ जाइए रै, कबूतर उड़ जाइए रै
Written by: Aman Jaji, Rakesh Majreya
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