album cover
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Chiranjeevi was released on September 6, 2026 by Hrutul as a part of the album YOUFORIA chp. Kaliyudh
September 6, 2026
LabelHrutul
LanguageHindi
BPM
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy

Music Video

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Lyrics

First you have to know
Not fear, know!
That someday you are going to die
It's only after we've lost everything
We are really free to do, anything
मुक़ाबला मौत से नहीं,
मर्ज़ी से है, मर्ज़ी से है।
जीना मेरी मर्ज़ी का नहीं,
तो फ़र्ज़ी ही है, फ़र्ज़ी ही है।
जंग मेरी वक्त से नहीं,
खुदगर्ज़ी से है, खुदगर्ज़ी से है।
मुक़ाबला मौत से नहीं,
मर्ज़ी से है मेरी मर्ज़ी से है।
My penance has been staring at me,
It's a curse or a boon,
You gotta stop looking for me
Oh, I think I'm doomed
है वरदान या है श्राप,
समय माँगेगा हिसाब,
है लोहे की नोक पे,
मेरा लहू तैनात,
मुक़ाबला मौत से नहीं,
मर्ज़ी से है, मर्ज़ी से है।
जीना मेरी मर्ज़ी का नहीं,
तो फ़र्ज़ी ही है, फ़र्ज़ी ही है |
मोह मुझे मौत का नहीं,
खुदगर्ज़ी का है, खुदगर्ज़ी का है|
मोह मुझे जीत का नहीं,
मर्ज़ी का है मेरी मर्ज़ी का है |
रण में भी झूमूँ,
मन में भी झूमूँ,
ज़ख़्मी भी झूमूँ,
ख़ौफ़ में झूमूँ,
रण में भी झूमूँ,
में मन भी झूमूँ,
हा ज़ख़्मी भी झूमूँ,
में ख़ौफ़ में झूमूँ,
तू झूम झूम झूम झूम झूम झूम झूम
तू झूम झूम झूम झूम झूम झूम झूम
तू झूम झूम झूम झूम झूम झूम झूम
तू झूम झूम झूम झूम झूम झूम झूम
तेरी अंतरात्मा के नेत्र में है शिव सदा।
तेरी अंतरात्मा में विष्णु का है विश्व हा।
तेरी अंतरात्मा में ब्रह्म का है कण बसा।
तेरी अंतरात्मा में देवी का है दिल सजा।
तेरी अंतरात्मा में हर चिरंजीवी बसा।
तेरी अंतरात्मा में व्यास की है करुणा।
तेरी अंतरात्मा में विभीषण का न्याय बसा।
तेरी अंतरात्मा में परशुराम की मर्यादा।
है वरदान या है श्राप? समय माँगेगा हिसाब...
सत्य, तप, दया, दान
से परे ना भगवान।
सत्य, तप, दया, दान।
वरदान है या श्राप? चिरंजीवी ने ना पूछा।
प्रतीक्षा को परीक्षा समझ बन गए अजूबा।
सत्य, तप, दया, दान
से परे ना धनवान।
सत्य, तप, दया, दान।
वरदान है या श्राप? महाबली ने ना पूछा।
समर्पण और दान को स्वयं से रखा ऊँचा
सत्य, तप, दया, दान
से परे ना भगवान।
सत्य, तप, दया, दान।
वरदान है या श्राप? कृपाचार्य ने ना पूछा।
शिक्षा के सार को स्वयं से रखा ऊँचा
सत्य, तप, दया, दान
से परे ना बलवान।
सत्य, तप, दया, दान।
कायर अश्वत्थामा का ब्रह्म तब टूटा।
जब निष्ठा को भी प्रतिशोध से पूजा
समय का पहिया निचोड़े सबको चुन-चुन।
अपनों की मर्जी की रक्षा को तू चुन।
Written by: Darshan Shah, Hrutul Patel, Tirth Thakkar
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