album cover
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Ram vs Krishn? was released on September 6, 2026 by Hrutul as a part of the album YOUFORIA chp. Kaliyudh
September 6, 2026
LabelHrutul
LanguageHindi
BPM127
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy

Music Video

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Lyrics

धर्म संरक्षण। धर्म संरक्षण।
इस युद्ध का मैं निर्माता हूँ।
निर्बल भी मैं बन जाता हूँ।
निर्मल भी मैं कहलाता हूँ।
पूछो मैं हूँ कौन?
राघव! राघव!
माधव! माधव!
राघव! राघव!
माधव! माधव!
त्याग ना है समस्या मेरी,
समय स्वयं तपस्या मेरी।
अयोध्या ढूँढो या वृन्दावन,
पाओ मुझको जो तुम पावन।
राघव! राघव!
माधव! माधव!
राघव! राघव!
माधव! माधव!
स्वरूप अनेक दिखते हैं तुमको,
भ्रम अनेक दिखते हैं तुमको।
त्रेता, द्वापर या कलयुग,
हम सदियों से लड़ते यह युद्ध।
राघव! राघव!
माधव! माधव!
राघव! राघव!
माधव! माधव!
ये मेरे माधव की माया है।
इसमें राघव का भी साया है।
मेरे माधव की माया है।
इसमें राघव का भी साया है।
हरे राम राम राम हरे राम हरे कृष्ण,
हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण हरे राम।
हरे राम राम राम हरे राम हरे कृष्ण,
हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण हरे राम।
इस काल में कलयुग में करूँ किसकी पूजा?
हरे राम राम राम हरे राम हरे कृष्ण।
कैसे नियम, कैसी नीति।
किसकी विशेष रणनीति?
हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण हरे राम।
कुरुक्षेत्र में जो राम खड़े होते,
तो भीष्म विरुद्ध वो, क्या शिखंडी को चुनते?
कुरुक्षेत्र में जो राम खड़े होते,
तो कर्ण के वध को, क्या निहत्ते होने देते?
ये मेरे माधव की माया है, मर्यादा का भी साया है।
यह रणनीति नहीं योजना है, संहार भी यहां साधना है।
इसको कर्म कर्म वो कहते,
इसको कर्म कर्म वो कहते,
इसको कर्म कर्म वो कहते,
तू निभा।
इसको कर्म कर्म वो कहते,
इसको कर्म कर्म वो कहते,
इसको कर्म कर्म वो कहते,
तू निभा।
हरे राम राम राम हरे राम हरे कृष्ण,
हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण हरे राम।
हरे राम राम राम हरे राम हरे कृष्ण,
हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण हरे राम।
इस काल में कलयुग में करूँ किसकी पूजा?
हरे राम राम राम हरे राम हरे कृष्ण।
कैसे नियम, कैसी नीति।
किसकी विशेष रणनीति?
हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण हरे राम।
रामो विग्रहवान् धर्मः।
कृष्णः धर्मसंरक्षकः।
मेरे माधव,
तुमको कर्म कर्म वो कहते,
तुमको कर्म कर्म वो कहते,
तुमको कर्म कर्म वो कहते,
तू निभा।
और राघव,
उनको धर्म धर्म हम कहते,
उनको धर्म धर्म हम कहते,
उनको धर्म धर्म हम कहते,
कर रक्षा।
कलियुग में तुम राघव का धर्म नहीं बन सकते,
पर तुम माधव का कर्म, अवश्य बन सकते हो।
कर्म निभा, संतुलन के समक्ष लें,
तू धर्म की रक्षा का पक्ष ले,
तू अपनों की रक्षा का पक्ष।
अंदर से राम, बाहर से कृष्ण,
मन से राम, बल से कृष्ण।
आवाहन। आवाहन। आवाहन।
आवाहन। आवाहन। आवाहन।
आवाहन। आवाहन। आवाहन। आवाहन।
दश शंभाला
दश शंभाला
Written by: Darshan Shah, Hrutul Patel, Tirth Thakkar
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